तुझमे,
वो बात नहीं
तुझमे,
कुछ ख़ास नहीं।
माना था तुझे कोई नूर-फरिश्ता
हो जिससे मेरा कई जन्मो का रिश्ता।
पर तुझमे कोई जस्बात नहीं।
पर तुझमे,
मेरा एहसास नहीं।
वो बात नहीं
तुझमे,
कुछ ख़ास नहीं।
माना था तुझे कोई नूर-फरिश्ता
हो जिससे मेरा कई जन्मो का रिश्ता।
पर तुझमे कोई जस्बात नहीं।
पर तुझमे,
मेरा एहसास नहीं।
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