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अफ़वाह

ज:
अफ़वाह ये है की, आप पिता नहीं,
बच्चे के बाप ज़रूर हैं।
बच्चे की माँ को लगता है, आप पिता बनने के लायक भी नहीं,
(पौसेस) नेता  बन ने के लायक हैं?

न:
नहीं, बिलकुल नहीं। अगर नेता बनने का मतलब ये है की मैंने कोई गलती नहीं की हो, तो मुझे माफ़ कीजिये, मैं नेता नहीं हूँ।
मैं गलती न करूँ, ऐसा भी कोई आश्वशन नहीं दे सकता। मुझसे कई ज़ादा समझदार और अकल्मन्द लोग मेरे सामने मौजूद हैं और मैं यहाँ खड़ा हूँ। मैं आप ही के जैसा एक इंसान हूँ जो उतना ही कमज़ोर और मजबूर है, जितने की आप। जब आप अकेले कुछ नहीं बदल सकते तो ये कैसे मान लिया की मैं अकेले कुछ बदल सकता हूँ? किस उम्मीद मैं बैठे हो? क्या मैं कोई मसीहा हूँ जो तुम्हे अपनी बेबसी से बहार निकालूंगा? ऐसी अहम् की मैं कोई इच्छा नहीं रखता।

(स्टेज के शानो शौकत को देखते हुए)
ऐसा कुछ नहीं बदला की जश्न मनाया जाए। आपको अपनी ज़िन्दगी बदलनी है तो अपने आप बदलनी है। ये कैसे करेंगे, और क्या बदलेंगे, आपको ही पता होगा। मुझसे कुछ काम बन पाए तो बता देना, मुझे भी अपने हिस्से के काम करने में कोई आपत्ति नहीं है।

ज:
ये आप कैसी बातें  कर रहे हैं, सर्। A leader is chosen to lead the country. What will a leader lead a country into, if he cannot lead?

ऑडियंस में से एक: डिजास्टर।

न: Peace.
Who leaded 'you' to live your life? And for how long? It is with understanding that you have led yourself here, and you're doing a wonderful job at it. You did not need a leader, why do they? Maybe some are not as privileged as you to get proper education, or food for that matter, but even they lead their lives themselves and no leader can lead it for them.

Some would try to change things for bad, some for better. The balance is peace and a leader has no role to play other than representation. Why do you bother about such silly matters then, rather than doing something for yourself on your own. No leader can lead you from darkness to light, You have to.

(सावधान: यह प्रकाशन एक अफवाह है, और मैं कोई पत्रकार नहीं।)

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चुप्पी

कभी कोई भी बात हो, कोई छोटी सी जस्बात हो, या कभी किसी से मुलाक़ात हो, तो मुझसे कहना। पल दो पल का साथ हो, कोई अनकही मुराद हो, जो भी दिल में बात हो, वो मुझसे कहना। अगर, कभी कोई ऐसी बात हो, जो मुझसे ना कह पाओ, उसे अपने दिल में मत दबाओ, या बिना कहे मत भूल जाओ। बताओ! क्यूंकि मैं सुन सकता हूँ सह सकता हूँ मान सकता हूँ अपना सकता हूँ जो भी सच हो, क्यूंकि मुझमे और तुम में कोई फर्क नहीं है। जो तुम्हारा सच है , वो ही मेरा भी है। सब कुछ बर्दाश्त हो सकता है पर तुम्हारी चुप्पी नहीं। 

क्या खोया, क्या पाया?

कुछ कहना चाहा, कुछ  कह न पाया। चुप रहना चाहा, चुप  रह न पाया। पास आने की कोशिश में, बस दुरी ही बढ़ा‌या। तो झिझक कर तुमने भी पूछ ही लिया  - 'अरे भई , क्या खोया, क्या पाया?' "क्या तुमने जान पाया - की कौन अपना, कौन पराया? क्या तुमने पहचान पाया - क्या है सपना, क्या यथार्थ की माया? तो क्या हुआ अगर व्यर्थ गई हर कोशिस मेरी? तो क्या हुआ अगर किस्मत ने दर्द की साजिश की थी? जो होना था सो तो हो गया, पर किसी भी गम में, तुम्हे तो भुला न पाया! तो क्या फर्क पड़ता है - की मैंने क्या खोया, क्या पाया? तुमने तो ढून्ढ लिया ना अपना हमसाया।"

The Red Pasta

White, Or red? Red, you said. I walked along. A saree, A smile A million hurled desires The calmness of the sea, Some titillating bourbon & And a few dozen joints. We cooked our pasta, In the heat of the moment.