Skip to main content

Posts

Showing posts from July, 2017

अफ़वाह

ज: अफ़वाह ये है की, आप पिता नहीं, बच्चे के बाप ज़रूर हैं। बच्चे की माँ को लगता है, आप पिता बनने के लायक भी नहीं, (पौसेस) नेता  बन ने के लायक हैं? न: नहीं, बिलकुल नहीं। अगर नेता बनने का मतलब ये है की मैंने कोई गलती नहीं की हो, तो मुझे माफ़ कीजिये, मैं नेता नहीं हूँ। मैं गलती न करूँ, ऐसा भी कोई आश्वशन नहीं दे सकता। मुझसे कई ज़ादा समझदार और अकल्मन्द लोग मेरे सामने मौजूद हैं और मैं यहाँ खड़ा हूँ। मैं आप ही के जैसा एक इंसान हूँ जो उतना ही कमज़ोर और मजबूर है, जितने की आप। जब आप अकेले कुछ नहीं बदल सकते तो ये कैसे मान लिया की मैं अकेले कुछ बदल सकता हूँ? किस उम्मीद मैं बैठे हो? क्या मैं कोई मसीहा हूँ जो तुम्हे अपनी बेबसी से बहार निकालूंगा? ऐसी अहम् की मैं कोई इच्छा नहीं रखता। (स्टेज के शानो शौकत को देखते हुए) ऐसा कुछ नहीं बदला की जश्न मनाया जाए। आपको अपनी ज़िन्दगी बदलनी है तो अपने आप बदलनी है। ये कैसे करेंगे, और क्या बदलेंगे, आपको ही पता होगा। मुझसे कुछ काम बन पाए तो बता देना, मुझे भी अपने हिस्से के काम करने में कोई आपत्ति नहीं है। ज: ये आप कैसी बातें  ...

Away

Will I lose you? In distance, In dreams, In new places and new beginnings? In success, in solace, In reasons to stay afar? In past or in present, When I can't find you, I will spiral down into a dark vertigo of dope, delirium and destruction. But, How can that change what you feel? What you feel is to be distant from me, So I wonder, Will I lose you in this distance?

पहला और दूसरा

१: आप लिखते हो? २: हाँ! लिखते हैं - १: क्या लिखते हो? २: (ऊपर से निचे देखते हुए ) (लम्बी ताल में) - कहानियां। १ : कहानियां !!! - और लम्बी ताल में, अंत को लहराते हुए। (हाव-भाव में बिना कोई परिवर्तन लाए, दूसरा पहले के सर हिलाने को देखता रहता है।) १: तो सुनाओ २: क्या? १: कहानी। २: (सोच में) १: वैसे जब कहानी लिख नहीं पाओगे तब क्या करोगे? २: आप जब देख नहीं पाएंगे तो क्या करेंगे? १: मैं क्यों देख नहीं पाउँगा? २: मैं क्यों लिख नहीं पाउँगा? १: (उसकी बात मानते हुए, उसके तरफ सर उठा के देखते हुए) अच्छा। २: बुरा। १: क्या बुरा? २: क्या अच्छा? १: तुम्हारी बात। २: बुरा ... १: (becomes happy as he has won) अच्छा | (ऊपर से निचे देखते हुए ) (अंत को लहराते हुए) २: (हाव-भाव में बिना कोई परिवर्तन लाए, दूसरा पहले के सर हिलाने को देखता रहता है।) १: वैसे तुम लेखक कुछ काम के होते कहाँ हो? कभी कमा के कुछ ला भी नहीं पाते, न ही कोई काम तरीके से करने की तुम्हारी काबिलियत होती है। २: हो सकता है। और जो काम के होते हैं उन्होंने क्या हालत बनायी है इस समाज की? १: दिक्कत क्या ह...

Tie & Untie

I am that The one who cheats Not with one Or two or some But, At every chance - Life bequeaths. Heinious, am I? Why? Because one is never enough For me? Then hate me for it, Because I am that, And that, I have always been. Has that changed for which you loved me? Now I don't want to be that anymore I want to cry I want to share my craving and desire I am weak But you are strong and you can hold on to me It would hurt you, no doubt, But it will bring me out of misery. I am that Whom you loved, And that I always want to be.