ज: अफ़वाह ये है की, आप पिता नहीं, बच्चे के बाप ज़रूर हैं। बच्चे की माँ को लगता है, आप पिता बनने के लायक भी नहीं, (पौसेस) नेता बन ने के लायक हैं? न: नहीं, बिलकुल नहीं। अगर नेता बनने का मतलब ये है की मैंने कोई गलती नहीं की हो, तो मुझे माफ़ कीजिये, मैं नेता नहीं हूँ। मैं गलती न करूँ, ऐसा भी कोई आश्वशन नहीं दे सकता। मुझसे कई ज़ादा समझदार और अकल्मन्द लोग मेरे सामने मौजूद हैं और मैं यहाँ खड़ा हूँ। मैं आप ही के जैसा एक इंसान हूँ जो उतना ही कमज़ोर और मजबूर है, जितने की आप। जब आप अकेले कुछ नहीं बदल सकते तो ये कैसे मान लिया की मैं अकेले कुछ बदल सकता हूँ? किस उम्मीद मैं बैठे हो? क्या मैं कोई मसीहा हूँ जो तुम्हे अपनी बेबसी से बहार निकालूंगा? ऐसी अहम् की मैं कोई इच्छा नहीं रखता। (स्टेज के शानो शौकत को देखते हुए) ऐसा कुछ नहीं बदला की जश्न मनाया जाए। आपको अपनी ज़िन्दगी बदलनी है तो अपने आप बदलनी है। ये कैसे करेंगे, और क्या बदलेंगे, आपको ही पता होगा। मुझसे कुछ काम बन पाए तो बता देना, मुझे भी अपने हिस्से के काम करने में कोई आपत्ति नहीं है। ज: ये आप कैसी बातें ...
कुछ बिखरे बिखरे शब्द, कुछ रूखे सूखे दिनों के।