Skip to main content

Posts

Showing posts from March, 2018

विमोह

तुझमे, वो बात नहीं तुझमे, कुछ ख़ास नहीं। माना था तुझे कोई नूर-फरिश्ता हो जिससे मेरा कई जन्मो का रिश्ता। पर तुझमे कोई जस्बात नहीं। पर तुझमे, मेरा एहसास नहीं।