मैं फूंकता रह जाऊंगा, मैं फूंकता रह जाऊंगा, तुम देखते रह जाओगे, मैं फूंकता रह जाऊंगा। मैं जूझता रह जाऊंगा, मैं भागता रह जाऊंगा, तुम देखते रह जाओगे, मैं फूंकता रह जाऊंगा। अचम्भे, कभी गढ़ न सकूंगा, तुमसे पहले, मैं ही मरूंगा। करूँगा कुछ ज़रूर, तेरा सर न झुका सकूंगा (जब तू ना चाहे)। कह रहा हूँ - अभी रुक जाऊंगा, कभी थक जाऊंगा, पर सर तेरा झुका ना पाउँगा, माँ।
कुछ बिखरे बिखरे शब्द, कुछ रूखे सूखे दिनों के।